प्रेस विज्ञप्ति अररिया, 12 जून 2026 अररिया को बाल श्रम मुक्त बनाने का संकल्प, जिला पदाधिकारी ने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना, पदाधिकारियों एवं कर्मियों को दिलाई शपथ।
Start : 12/06/2026 End : 30/06/2026
Venue : DM Office, Araria
विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर आज समाहरणालय स्थित परमान सभागार, अररिया में जिला पदाधिकारी श्री विनोद दूहन की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक सह जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले में बाल श्रम के उन्मूलन हेतु प्रभावी रणनीति तैयार करना तथा बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़कर उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना रहा। बैठक को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी श्री विनोद दूहन ने कहा कि बाल श्रम एक गंभीर सामाजिक कुरीति एवं अभिशाप है, जो बच्चों के बचपन, शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य को छीन लेता है। उन्होंने कहा कि बाल श्रम के विरुद्ध समाज के सभी वर्गों को मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने श्रम संसाधन विभाग को निर्देश दिया कि जिले के सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, होटलों, ढाबों, गैरेजों तथा विशेष रूप से ईंट-भट्टों पर ‘धावा दल’ के माध्यम से नियमित एवं सघन छापेमारी अभियान चलाया जाए।
जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि यदि कोई भी नियोजक बच्चों से मजदूरी कराते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज की जाए। उन्होंने कहा कि बाल श्रम के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने बाल संरक्षण इकाई, पुलिस प्रशासन, शिक्षा विभाग एवं श्रम संसाधन विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि धावा दल द्वारा विमुक्त कराए गए बच्चों का केवल रेस्क्यू ही नहीं किया जाए, बल्कि उनके पुनर्वास के लिए ठोस कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि विमुक्त बच्चों के परिवारों को विभिन्न सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाए तथा बच्चों का विद्यालयों में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाए, ताकि वे शिक्षा प्राप्त कर सम्मानजनक जीवन जी सकें।
जिला पदाधिकारी ने आमजन से भी अपील करते हुए कहा कि यदि कहीं भी बाल श्रम की होते दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल जिला प्रशासन एवं संबंधित पदाधिकारी को दें, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि बाल श्रम से संबंधित शिकायत अथवा सूचना जिला नियंत्रण कक्ष के दूरभाष संख्या 06453-222309 पर भी दी जा सकती है। उन्होंने लोगों से बाल श्रम उन्मूलन अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने और बच्चों के सुरक्षित एवं उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सहयोग करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम के दौरान जिला पदाधिकारी द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष के तहत बाल श्रम से मुक्त कराए गए तीन बच्चों को पुनर्वास एवं भविष्य की सुरक्षा के उद्देश्य से ₹25,000-₹25,000 की एफडी राशि का चेक प्रदान किया गया।
समीक्षा बैठक में जिला पदाधिकारी के नेतृत्व में सामूहिक शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित सभी जिला स्तरीय पदाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने संकल्प लिया कि वे अपने घरों एवं कार्यस्थलों पर किसी भी बच्चे को श्रमिक के रूप में नियोजित नहीं करेंगे तथा समाज में कहीं भी बाल श्रम होने पर उसके विरुद्ध सक्रिय भूमिका निभाएंगे। साथ ही बच्चों के अधिकारों की रक्षा करते हुए अररिया जिले को पूर्णतः बाल श्रम मुक्त बनाने में अपना योगदान देंगे।
बैठक के उपरांत जिला पदाधिकारी द्वारा बाल श्रम मुक्त से संबंधित जन जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। बताता गया कि यह रथ जिले सभी प्रखंड अंतर्गत पंचायतों में बाल अधिकारों के प्रति लोगों को जागरूक करेगा।
कार्यक्रम में अपर समाहर्ता अररिया, सिविल सर्जन अररिया, वरीय उप समाहर्ता सह विशेष कार्य पदाधिकारी अररिया, जिला कोषागार पदाधिकारी अररिया, सहायक निदेशक जिला बाल संरक्षण इकाई अररिया, जिला आपूर्ति पदाधिकारी अररिया, श्रम अधीक्षक अररिया, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी एसएसए, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रतिनिधि, सभी प्रखंडों के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष, जागरण कल्याण भारती के अध्यक्ष, बचपन बचाओ आंदोलन के प्रतिनिधि, प्रथम के प्रतिनिधि सहित विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं जिला प्रशासन के अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
