प्रेस विज्ञप्ति अररिया, 31 जुलाई 2026 जनता दरबार में 87 मामलों की सुनवाई, जिलाधिकारी ने शिकायतों के समयबद्ध निष्पादन के दिए निर्देश
प्रारंभ : 31/07/2026 समाप्ति : 31/08/2026
स्थान : DM Office, Araria
बिहार सरकार के सात निश्चय-3.0 के अंतर्गत संचालित “सबका सम्मान–जीवन आसान” कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को समाहरणालय परिसर स्थित परमान सभागार में जिला पदाधिकारी अररिया श्री विनोद दूहन की अध्यक्षता में जनता दरबार का आयोजन किया गया।
जनता दरबार में जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे लोगों ने अपनी व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक समस्याओं से संबंधित आवेदन जिला पदाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए। इस दौरान कुल 87 मामलों की सुनवाई की गई। इस क्रम में जिला पदाधिकारी ने आमजनों की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना तथा संबंधित पदाधिकारियों को प्राप्त शिकायतों एवं आवेदनों का समयबद्ध, निष्पक्ष एवं प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनता दरबार में रानीगंज प्रखंड के बौंसी निवासी ऐनुल मियां ने केवाला द्वारा खरीदी गई जमीन से बेदखल किए जाने की शिकायत की। वहीं भरगामा प्रखंड के जमुआन निवासी उमाशंकर मंडल ने बिहार सरकार की जमीन को अतिक्रमणमुक्त कराने, नरपतगंज के मथुरा उत्तर निवासी रणधीर पासवान ने फर्जी रसीद काटे जाने तथा जोकीहाट के चीरह निवासी चंद्रपाल कुमार ने मृत्यु प्रमाण-पत्र निर्गत नहीं किए जाने से संबंधित आवेदन दिया।
इसी क्रम में चंदन कुमार मंडल एवं अन्य ने सामूहिक आवेदन देकर नल-जल ऑपरेटरों के लंबित मानदेय के भुगतान की मांग की। फारबिसगंज निवासी प्रफुल्ल मंडल ने अवैध नर्सिंग होम में गलत इलाज किए जाने की शिकायत की। वहीं नगर परिषद क्षेत्र निवासी वीरेंद्र मिश्र ने बिना एनओसी नाला निर्माण कार्य किए जाने की शिकायत से संबंधित आवेदन सौंपा।
इसके अतिरिक्त जोकीहाट निवासी बेबी अफसाना खातून ने अनुकंपा के आधार पर चौकीदार के पद पर नियुक्ति, फारबिसगंज के तिसकुंड निवासी ओमप्रकाश ने प्राथमिकी दर्ज कराने तथा हुलसी खातून ने पति की मृत्यु के उपरांत पेंशन एवं सेवांतलाभ दिलाने की मांग को लेकर आवेदन प्रस्तुत किया।
जिला पदाधिकारी ने सभी मामलों में संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को आवश्यक जांच करते हुए नियमानुसार कार्रवाई करने तथा आवेदकों को ससमय राहत उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। जनता दरबार के माध्यम से जिला प्रशासन द्वारा आमजनों की समस्याओं के त्वरित समाधान एवं प्रशासनिक सेवाओं को अधिक संवेदनशील और जवाबदेह बनाने की दिशा में लगातार पहल की जा रही है।
